भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली व्यापार वार्ता में गति आ गई है। अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बताया कि समझौते पर चर्चा जारी है और अगली बैठक मंगलवार को आयोजित होगी।
यह वार्ता डिजिटल व्यापार, बौद्धिक संपदा अधिकार और गैर-शुल्क बाधाओं पर केंद्रित है। अमेरिका तकनीकी कंपनियों के लिए मजबूत सुरक्षा चाहता है, जबकि भारत डेटा स्थानीयकरण और स्टार्टअप समर्थन पर अडिग है।
प्रेस वार्ता में गार्सेटी ने कहा, ‘चर्चाएं सकारात्मक दिशा में हैं।’ स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों में साझा हित प्रमुख हैं। iCET जैसे ढांचे के तहत सेमीकंडक्टर सहयोग भी मजबूत हो रहा है।
मजदूरी मानकों और पर्यावरण नियमों पर मतभेद हैं, लेकिन कार्य समूहों ने सफलता हासिल की है। मंगलवार की बैठक में ड्राफ्ट प्रस्ताव सामने आ सकते हैं।
यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ को गति देगा और अमेरिकी निवेशकों को आकर्षित करेगा। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, 20 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क कटौती से व्यापार में उछाल आएगा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए यह एक मील का पत्थर बनेगा।