केंद्र के ताजा आंकड़ों ने भारत के समुद्री खाद्य निर्यात की ताकत दिखाई। वित्त वर्ष 2024-25 के पहले आठ माह में निर्यात मूल्य 14 प्रतिशत उछलकर 8.09 अरब डॉलर पहुंचा, जबकि मात्रा 9.26 लाख टन रही।
अमेरिकी बाजार में भारी शुल्क के बावजूद वननेमेई श्रिंप की मांग बनी रही। निर्यातकोंने चीन, जापान व वियतनाम जैसे बाजारों में सफलता पाई। एमपीईडीए ने मूल्य संवर्धन, ईको-सर्टिफिकेशन व बीमारी मुक्त उत्पादन पर जोर दिया।
पूर्वी व पश्चिमी तटों के प्रोसेसिंग हबों ने रोजगार सृजन किया। सरकार की सब्सिडी से फ्रीजिंग तकनीक व जैविक खेती में निवेश बढ़ा।
यह सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है। भविष्य में मुक्त व्यापार समझौतों से और लाभ की उम्मीद। वैश्विक मांग के साथ भारत 12 अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।