पीएसएलवी-सी62 लॉन्च के तीसरे चरण में आई तकनीकी खराबी ने इसरो को सतर्क कर दिया है। चेयरमैन एस सोमनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि मिशन कंट्रोल में अनियमित डेटा मिलने पर इमरजेंसी प्रोटोकॉल अपनाए गए।
प्रक्षेपण सुचारू रूप से हुआ, लेकिन तीसरा चरण थ्रस्ट न बनाए रख पाया। इससे प्राइमरी सैटेलाइट का ऑर्बिट गोल न हो सका। ग्राउंड स्टेशन से मिले सिग्नल्स के आधार पर फेलियर एनालिसिस कमिटी गठित की गई है।
मिशन के अन्य उद्देश्य आंशिक रूप से पूरे हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन इग्निशन या सेंसर फेलियर जिम्मेदार हो सकता है। इसरो बेंगलुरु में सिमुलेशन चला रहा है।
यह PSLV के लिए असामान्य है, जो अब तक 50 से अधिक सफल उड़ानों का रिकॉर्ड रखता है। चेयरमैन ने भरोसा दिलाया कि सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।
अगले लॉन्च की तैयारी चल रही है। इस घटना से इसरो की पारदर्शिता और प्रतिबद्धता दोबारा साबित हुई। भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है।