कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बल पर उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवा और नवाचार के क्षेत्र में पावरहाउस के रूप में उभरेगा। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
500 से अधिक जिला अस्पतालों में एआई एनालिटिक्स से रीयल-टाइम निर्णय लिए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा और कानपुर के टेक कॉरिडोर में स्टार्टअप्स एआई-अध्यर्वेद मॉडल विकसित करेंगे। गूगल-आईबीएम जैसे दिग्गजों के साथ साझेदारी से विश्वस्तरीय समाधान मिलेंगे।
जनसंख्या विस्फोट की चुनौतियों से निपटने के लिए गांवों में एआई कियोस्क लगेंगे, जो पोषण ट्रैकिंग और मातृ स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। एक लाख युवाओं को प्रतिवर्ष एआई ट्रेनिंग दी जाएगी।
गोरखपुर पायलट में 30 प्रतिशत दक्षता वृद्धि हुई है। नीतिगत समर्थन से यूपी न केवल स्वास्थ्य में अग्रणी बनेगा, बल्कि एशिया का इनोवेशन हॉटस्पॉट भी। यह बदलाव परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम है।