वाइब्रेंट गुजरात के क्षेत्रीय सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण सत्र ‘कार्बन से फसल तक: हरित अणु, अधिक उत्पादन’ रहा, जिसमें सस्टेनेबल फार्मिंग के नए द्वार खुल गए।
कार्बन डाइऑक्साइड से बने हरित अणुओं की चर्चा छाई रही, जो फसल उत्पादकता बढ़ाते हुए ग्रीनहाउस गैसों को कम करते हैं। गुजरात के सूखाग्रस्त इलाकों में परीक्षणों से 25-40 प्रतिशत अधिक उपज सिद्ध हुई।
पैनल में नीतिगत प्रोत्साहन, सब्सिडी और सार्वजनिक-निजी साझेदारी पर विचार-विमर्श हुआ। यह तकनीक राष्ट्रीय कृषि नीति के अनुरूप है।
कपास और मूंगफली जैसी फसलों पर खास फोकस रहा। चुनौतियों के बावजूद, सहकारी मॉडल और वित्तीय सहायता से समाधान संभव है।
सम्मेलन ने गुजरात को हरित कृषि हब बनाने का संकल्प लिया, जो किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।