पुरानी पेंशन योजना को लेकर तमिलनाडु में सियासी घमासान मचा है। सीपीआई(एम) ने एआईएडीएमके को सरकारी कर्मचारियों के साथ धोखा देने का जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने ईपीएस को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
सरकारी नौकरशाह 20 साल पुराने विवाद को फिर उछाल रहे हैं। पुरानी स्कीम में जीवन भर पेंशन की गारंटी थी, जबकि ईपीएस ने योगदान पर निर्भर कर पेंशन घटा दी।
सीपीआई(एम) नेताओं ने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके वित्तीय अस्थिरता का भय दिखाकर आंदोलन तोड़ना चाहती है। ‘कई राज्यों ने सफलतापूर्वक पुरानी पेंशन लागू की है,’ उन्होंने कहा।
एआईएडीएमके ने पलटवार किया कि यह कदम बजट पर हजारों करोड़ का अतिरिक्त भार लाएगा। डीएमके सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
कर्मचारी महासंघ अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं। पेंशन विवाद अब विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है।