तमिलनाडु का फार्मेसी क्षेत्र हिलने को तैयार है। 15 फरवरी को सभी दवा की दुकानें बंद होंगी। केमिस्ट्स ने ड्रग तस्करी पर पुलिस की कमजोरी के खिलाफ अनशन जैसी हड़ताल छेड़ने का फैसला लिया है। नकली दवाओं का जाल आम आदमी की जान जोखिम में डाल रहा है।
प्रमुख संगठनों जैसे ऑल तमिलनाडु केमिस्ट्स एसोसिएशन ने कहा कि तस्करों का राज चल रहा है। पुलिस की छिटपुट कार्रवाई से कुछ नहीं होता। ‘हमारे स्टॉक पर शक किया जाता है, जबकि असली अपराधी सरे बाजार सक्रिय हैं,’ एक नेता ने शिकायत की। तटीय इलाकों से आने वाली खेपें नशीले पदार्थों से भरी पाई गईं।
एक दिन की हड़ताल से दवा आपूर्ति ठप हो जाएगी। क्रॉनिक मरीजों को परेशानी होगी, इसलिए एमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट किया गया है। आर्थिक नुकसान करोड़ों में होगा।
गहराई से देखें तो राज्य में सालाना हजारों मामले दर्ज होते हैं, लेकिन सजा मिलने वाले कम। भ्रष्टाचार और संसाधनों की कमी जिम्मेदार। मांगें हैं- बॉर्डर चेकिंग मजबूत करें, ट्रेनिंग दें और आईटी इस्तेमाल करें।
यह आंदोलन राजनीति को हिला सकता है। पार्टियां केमिस्ट्स के साथ खड़ी होने की होड़ में हैं। मीडिया ने मुद्दे को उछाला है। हड़ताल सफल हो तो तस्करी पर असली प्रहार होगा। तमिलनाडु की जनता सुरक्षित दवाओं का हकदार है, और केमिस्ट्स इसे दिलाने को तैयार हैं।