बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमलों ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को बोलने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर फौरी ध्यान दिया जाए, वरना परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
मसूद ने विस्तार से हालिया घटनाक्रम गिनाए—मंदिरों का विध्वंस, महिलाओं पर छेड़छाड़ और संपत्तियों पर कब्जा। सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘भारत का धर्मनिरपेक्ष चरित्र हमारी सीमाओं तक सीमित नहीं। पड़ोसी देश में हमारे लोगों पर हो रही मार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
हसीना सरकार के पतन के बाद उभरे उग्रवाद ने स्थिति बिगाड़ दी है। एनजीओ रिपोर्ट्स में दर्जनों हमलों का जिक्र है, जिनमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई गई। मसूद ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने, वीजा प्रक्रिया तेज करने और आर्थिक दबाव डालने का सुझाव दिया।
इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के कुछ नेता भी सहमत दिख रहे हैं। मसूद ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कदम नहीं उठे, तो शरणार्थी संकट बढ़ सकता है। यह मुद्दा अब संसद में गर्माया है, और जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। भारत को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी होगी।