नसीरुद्दीन चिश्ती ने आज देशवासियों से कट्टरपंथी मानसिकता और राष्ट्र-विभाजक तत्वों के खिलाफ सामूहिक रूप से लामबंद होने की अपील की। उनके इस बयान ने राष्ट्रीय एकता पर बहस को तेज कर दिया है।
चिश्ती ने चेतावनी दी कि जो लोग कट्टर विचारों को बढ़ावा देते हैं और देश को चूर-चूर करने की धमकी देते हैं, उनके प्रति नरमी बरतना घातक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा, ‘एकजुट होकर ही हम इन साजिशों को विफल कर सकते हैं।’
वर्तमान परिदृश्य में सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें और सांप्रदायिक तनाव का जिक्र करते हुए चिश्ती ने सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सरकार से कठोर कदम उठाने, शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रवाद को शामिल करने और धार्मिक नेताओं से सहयोग की मांग की।
भारत की सांस्कृतिक विविधता को अपनी ताकत बताते हुए चिश्ती ने कहा कि एकता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने भविष्य की रूपरेखा पेश की जिसमें सभी समुदाय मिलकर समृद्ध भारत का निर्माण करें।
चिश्ती के इस आह्वान का व्यापक स्वागत हो रहा है। यह न केवल राजनीतिक दलों के लिए चुनौती है बल्कि हर नागरिक के लिए जिम्मेदारी भी। एक मजबूत और अविभाजित भारत का सपना साकार करने के लिए यह संदेश प्रेरणा स्रोत बनेगा।