राम मंदिर के प्रांगण में नमाज अदा करने का प्रयास चिंता का विषय बन गया है। भाजपा नेताओं ने इसे हिंदू धर्म पर सुनियोजित आघात बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया और तत्काल कठोरतम कार्रवाई की मांग की। अयोध्या में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच यह घटना पूरे राजनीतिक पटल पर छा गई।
नागर शैली में निर्मित यह भव्य मंदिर लंबे संघर्ष का परिणाम है। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के ऐतिहासिक फैसले के बाद यहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। मंगलवार को कुछ असमाजिक तत्वों ने मंदिर क्षेत्र में नमाज की कोशिश की, जो वीडियो के जरिए सामने आया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा, ‘राम मंदिर में नमाज का प्रयास असहनीय है। दोषियों को कड़ी सजा दो, वरना सनातनियों का गुस्सा भड़केगा।’ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान जारी कर किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त न करने की बात कही।
पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अवैध घुसपैठ के आरोप में एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। मंदिर न्यास ने भी बयान जारी कर स्पष्ट किया कि परिसर केवल हिंदू पूजा-अर्चना के लिए है।
इस घटना से अयोध्या में सतर्कता बढ़ गई है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए हैं। विपक्षी दल चुप्पी साधे हैं, जबकि भाजपा ने इसे सांप्रदायिक साजिश करार दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे प्रयास धार्मिक ध्रुवीकरण का हिस्सा हो सकते हैं। भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
राम नवमी की तैयारियां जोरों पर हैं। लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस संदर्भ में प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। भाजपा नेता मानते हैं कि भारत की एकता विविधता में है, लेकिन पवित्र स्थलों का सम्मान अनिवार्य। यह घटना सबक सिखाती है कि सजग रहना ही सुरक्षा की कुंजी है।