भाजपा केरल की सियासत में तूफान लाने को तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश में पार्टी के विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान का उद्घाटन करेंगे। यह कदम भाजपा की दक्षिणी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
परंपरागत रूप से लेफ्ट और यूडीएफ के वर्चस्व वाला केरल अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है। भाजपा ने संगठन विस्तार पर जोर दिया है। शाह का आगमन कार्यकर्ताओं के हौसले बुलंद करेगा। वे विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।
अभियान की शुरुआत विशाल रैली से होगी। शाह पिनरायी सरकार की आलोचना करेंगे – बेरोजगारी, कर्ज का बोझ और प्रवासी युवाओं की समस्या पर। केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार का फायदा बताएंगे।
पिछले चुनावों में वोट शेयर दोगुना हुआ। अब 20-25 सीटों का लक्ष्य है। बूथ स्तर कार्य, डिजिटल कैंपेन और गठबंधनों से मजबूती मिलेगी।
विपक्ष चिंतित है। एलडीएफ इसे हिंदुत्व का हथियार बता रहा, कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही। शाह की रणनीति सबको किनारे कर सकती है।
यह प्रारंभिक दौर ही नहीं, बल्कि केरल को भाजपा के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में लाने की मुहिम है। राज्य की जनता क्या फैसला लेगी, ये देखना रोचक होगा।