महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के मैदान में कांग्रेस ने एनसीपी के दोनों गुटों के संयुक्त घोषणापत्र को निशाना बनाया है। इसे ‘फिक्स्ड मैच’ बताते हुए पार्टी ने महायुति पर चुनावी साठगांठ का आरोप लगाया। यह बयानबाजी सत्ताधारी गठबंधन को घेरने की बड़ी कोशिश है।
अजित पवार और शरद पवार समर्थक गुटों का घोषणापत्र शहरी विकास, जल आपूर्ति और रोजगार पर वादे करता है। कांग्रेस का कहना है कि यह दिखावा मात्र है। नाना पटोले ने कहा, ‘गुटों का गठजोड़ सिर्फ कागज पर है, असल में महायुति को आसान जीत दिलाने की साजिश है।’
मुंबई महानगरपालिका से लेकर अन्य शहरों तक फैले इन चुनावों में करोड़ों वोटर भाग लेंगे। महायुति अपनी सत्ता बचाने को बेताब है, जबकि एमवीए मजबूत वापसी की फिराक में। कांग्रेस ने घोषणापत्र की कमजोरियों को निशाना बनाते हुए प्रचार शुरू कर दिया।
पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया और सड़कों पर ‘फिक्स्ड मैच’ का नारा बुलंद कर रहे हैं। एनसीपी ने जवाब में कांग्रेस को विफल गठबंधन बताया। चुनाव आयोग की नजर इन आरोपों पर है।
यह घमासान न केवल नगर निगमों पर कब्जे की लड़ाई है, बल्कि राज्य की सियासी दिशा भी तय करेगा। क्या वोटर इस ‘खेल’ को समझेंगे?