मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में हरियाणा की न्यायिक व्यवस्था एक नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। हांसी को सेशन डिवीजन का दर्जा देकर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पहुंच को आसान बनाया जाएगा। यह घोषणा हिसार क्षेत्र की लंबे समय की मांग को पूरा करती है।
आधिकारिक बयान में सीजेआई ने स्पष्ट किया कि हांसी का चयन आंकड़ों के आधार पर किया गया है, जहां मुकदमों की संख्या अधिक होने के बावजूद सुविधाएं अपर्याप्त हैं। ‘यह कदम न्याय की पहुंच को वास्तविक बनाएगा,’ उन्होंने कहा।
सेशन डिवीजन में सत्र न्यायालयों के साथ-साथ अपील और अन्य शाखाएं होंगी। आधुनिक कोर्टरूम, ई-कोर्ट सिस्टम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी तकनीकें इसमें शामिल होंगी। स्थानीय बार एसोसिएशन ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि इससे वकीलों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।
कृषि प्रधान हांसी में भूमि विवाद और पारिवारिक मामले आम हैं, जिनका त्वरित निपटारा अब संभव होगा। सरकार ने बुनियादी ढांचे के लिए त्वरित कार्यवाही का वादा किया है। यह पहल पूरे देश के लिए मिसाल बनेगी।
निष्कर्षतः, हांसी सेशन डिवीजन हरियाणा के न्यायिक मानचित्र पर एक नया अध्याय जोड़ेगा, जो समावेशी और कुशल न्याय व्यवस्था की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।