प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ मंदिर में आगमन गुजरात में उत्सव का रूप ले लिया। भक्तों ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया, जबकि सड़कें नारों से गूंज उठीं। यह यात्रा सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक बनी।
मोदी ने मंदिर को भारतीय सभ्यता की हिम्मत का जीवंत उदाहरण बताया। महमूद गजनवी जैसे आक्रमणों के बावजूद इसका पुनर्निर्माण सरदार पटेल के नेतृत्व में हुआ, जो राष्ट्रप्रेम की मिसाल है। उनका संदेश भावुक और प्रेरणादायक था।
पूजा के बाद ट्रस्टियों से भेंट हुई, जहां विकास योजनाओं पर चर्चा हुई। वंदे भारत ट्रेन जैसी परियोजनाओं से तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल सुविधाओं पर जोर दिया गया।
घटना ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। मोदी जी की यह उपस्थिति गुजरात के सॉफ्ट पावर को बढ़ाती है। युवा पीढ़ी को विरासत संभालने का आह्वान किया।
अंततः, सोमनाथ ने साबित किया कि यह केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा का आधार है। पीएम के शब्दों से देश में नई ऊर्जा का संचार हुआ।