कन्नड़ साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बेंगलुरु की मशहूर लेखिका आशा रघु ने आत्महत्या कर ली। उनके अपार्टमेंट में बुधवार सुबह उनका शव बरामद हुआ, जो मानसिक तनाव का शिकार था।
आशा रघु ने कन्नड़ भाषा में दर्जनों रचनाएं दीं, जो सामाजिक मुद्दों पर गहन चिंतन करती थीं। प्रकाशन क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। युवा लेखकों को प्रोत्साहित करने वाली उनकी संस्था ने सैकड़ों किताबें प्रकाशित कीं।
परिवार के सदस्यों ने चिंता जताई तो पुलिस पहुंची। सुसाइड नोट में पारिवारिक और आर्थिक परेशानियों का जिक्र मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक जांच आत्महत्या की पुष्टि करती है।
राजनीतिक और सांस्कृतिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। कन्नड़ अभिनेता चेतन कुमार ने ट्वीट कर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की। सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। यह हादसा रचनाकारों के लिए सहायता योजनाओं की आवश्यकता पर जोर देता है। आशा की स्मृति में विशेष संग्रह छापा जाएगा।