बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चिराग पासवान का अनोखा बयान सुर्खियों में है। एलजेपी प्रमुख ने कहा कि नीतीश कुमार देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के काबिल हैं। उनका यह कथन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
एक जनसभा में चिराग ने नीतीश के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया। ‘शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाई, सड़कें बनवाईं, बिजली पहुंचाई और महिलाओं को सशक्त किया। ऐसे नेता को भारत रत्न मिलना चाहिए,’ उन्होंने कहा।
पासवान परिवार और नीतीश कुमार के रिश्ते पुराने हैं। राम विलास पासवान नीतीश के साथी रहे, लेकिन चिराग ने 2020 में जदयू को निशाना बनाया। अब गठबंधन के दबाव में पुरानी कटुता भूल गए लगते हैं।
नीतीश सरकार ने बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। हर गांव में बिजली, लाखों किलोमीटर सड़कें, साइकिल योजना से लड़कियों की पढ़ाई बढ़ी। शराबबंदी पर अमल किया, भले विवाद हुए। चिराग ने इन सबकी तारीफ की।
एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। चिराग का बयान नीतीश को सम्मान देकर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास है। विपक्ष इसे दिखावा बता रहा है।
नीतीश कुमार बिहार को पटरी पर लाने के लिए जाने जाते हैं। गरीबी, अशिक्षा और अपराध से जूझते बिहार को उन्होंने विकास की राह दिखाई। भारत रत्न जैसे सम्मान पर बहस तेज हो गई है।
यह बयान बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। आने वाले दिनों में गठबंधन की मजबूती का पता चलेगा। फिलहाल, चिराग की उदारता सराहनीय है।