बिहार राजनीति में नया मोड़ आ गया है। आरजेडी ने नीतीश कुमार सरकार पर सरकारी फिजूलखर्ची का आरोप लगाते हुए श्वेत पत्र जारी करने का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी का कहना है कि बजट का पैसा जनकल्याण में जा रहा है या कहीं और, इसका खुलासा जरूरी है।
पटना में हुई बैठक में आरजेडी नेताओं ने सड़क निर्माण से लेकर गरीबी उन्मूलन तक कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि बिना हिसाब-किताब के खर्च भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। श्वेत पत्र विधानसभा में पेश हो, ऐसी मांग उठी।
राज्य का बजट अरबों में है, लेकिन परिणाम निराशाजनक हैं। विपक्ष का दावा है कि स्वतंत्र जांच से सच्चाई सामने आएगी। यह मुद्दा गठबंधन की एकजुटता को परखेगा।
एनडीए नेताओं ने इसे चुनावी ड्रामा बताया, लेकिन जनता की नजरें सरकार पर टिकी हैं। यदि श्वेत पत्र आया तो यह वित्तीय सुशासन की नई मिसाल बनेगा। आरजेडी का अभियान जारी रहेगा।