राज्य की सियासत गरमाती जा रही है। कांग्रेस ने इंदौर की जल विपदा को हथियार बनाकर शिवराज-मोहन सरकार पर निशाना साधा। मनरेगा के नए नियमों को ग्रामीण-विरोधी बताते हुए पार्टी ने statewide आंदोलन की चेतावनी दी है।
इंदौर में पाइपलाइन फटने की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। गंदगी से भरा पानी सड़कों पर बहा, बिजली गुल होने से हालात बदतर। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘ये दुर्घटना नहीं, अपराध है। सरकार जवाब दे।’
मनरेगा में आधार-लिंक्ड अटेंडेंस और काम के घंटे कम करने से मजदूर निराश। बुंदेलखंड के गांवों में पलायन बढ़ा। राहुल गांधी ने कहा, ‘बीजेपी मनरेगा खत्म करना चाहती है। हम लड़ेगे।’
आरटीआई से पता चला कि इंदौर जल बोर्ड की शिकायतें नजरअंदाज की गईं। मनरेगा में फंड का गबन। कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। धरना-प्रदर्शन की तैयारी।
सरकार का दावा, सुधारों से योजना मजबूत होगी। इंदौर में जल्द बहाली। लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से दबाव बढ़ा। मानसून से पहले समाधान जरूरी, वरना राजनीतिक भूचाल आ सकता है।