प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई के रियल एस्टेट धंधेबाजों को सबक सिखाने का काम किया। एडेल लैंडमार्क्स के खिलाफ 585 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी गई है। घरों के नाम पर खरीदारों को ठगने वाले इस गिरोह ने मध्यमवर्गीय परिवारों की जमा पूंजी पर डाका डाला था।
कंपनी ने आकर्षक ब्रोशर दिखाकर करोड़ों जमा किए लेकिन प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए। ईडी को शेल कंपनियों, बेनामी सौदों का पर्दाफाश हुआ। गोवा के फार्महाउस से लेकर मुंबई के फ्लैट्स तक, सब जब्त। लग्जरी कारें, सोना-चांदी भी सुरक्षित।
मनी लॉन्ड्रिंग की इस जांच में प्रमोटरों के विदेशी निवेश भी ट्रेस हुए। पीड़ित खरीदारों ने सड़कों पर आंदोलन किए लेकिन अब ईडी की कार्रवाई से उम्मीद जगी है। रेरा जैसी संस्थाएं कमजोर साबित हुईं लेकिन ईडी ने सख्ती दिखाई।
यह केस पूरे सेक्टर के लिए चेतावनी है। बिना इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए फंड्स का निजी इस्तेमाल अब महंगा पड़ेगा। गिरोह के सरगना फरार हैं, लुकआउट नोटिस जारी। संपत्ति बिक्री से रोका गया ताकि खरीदारों को उनका हक मिले। आगे की कार्रवाई से आंखें नहीं हटेंगी।