सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस द्वारा ईडी की छापेमारी रोकने के मामले में हस्तक्षेप किया। आई-पैक दफ्तर पर हुई इस घटना ने केंद्र-राज्य संबंधों को नई चुनौती दी है। अदालत ने बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
सेक्टर-वी में राजनीतिक एजेंसी आई-पैक के मुख्यालय पर ईडी पहुंची थी। मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत सर्च वारंट था, लेकिन पुलिस ने प्रवेश अस्वीकार कर दिया। वर्दीधारी अफसरों ने केंद्रीय टीम को घेर लिया, जिससे तनाव भरा माहौल बन गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
कोर्ट में ईडी ने तर्क दिया कि राज्य मशीनरी जांच एजेंसी के अधिकारों का हनन कर रही। अभिषेक बनर्जी से लिंक इस फर्म पर भ्रष्ट भर्तियों से कमाई के पैसे धोने का शक है। जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने सोमवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
चुनावी रणनीति में आई-पैक का जलवा रहा। सूक्ष्म विश्लेषण से टीएमसी को फायदा हुआ। अब शेल कंपनियों के जरिए ट्रांजेक्शन की पड़ताल हो रही। टीएमसी इसे राजनीतिक साजिश बता रही, जबकि केंद्र निष्पक्ष जांच पर अड़ा।
यह विवाद अन्य राज्यों में भी दोहरा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय संघीय ढांचे में जांच प्रक्रिया को मजबूत या जटिल बना सकता। विशेषज्ञ मानते हैं कि फैसला ऐतिहासिक होगा।