प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए सारी व्यवस्थाएं परिपक्व हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की अंतिम तैयारी पूरी कर ली है।
परिसर में भव्य सजावट का काम समाप्त हो चुका है। पारंपरिक तोरणद्वार, फव्वारे और रौशनी से जगमगा रहा सोमनाथ अब एक उत्सव स्थल के रूप में नजर आ रहा है। स्वतंत्रता के बाद पुनर्निर्मित इस मंदिर का इतिहास इस स्वागत को ऐतिहासिक बनाता है।
गुजरात की गरबा नृत्यकारियों, कश्मीर के सूफी गायकों और कर्नाटक के यक्षगान कलाकारों की प्रस्तुतियां दो घंटे से अधिक चलेगी। ये कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेंगे, जो विकसित भारत के सपने से जुड़े हैं।
भीड़ प्रबंधन और यातायात के लिए विशेष प्रबंध हैं। सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग से वैश्विक दर्शक जुड़ सकेंगे। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में पीएम का सोमनाथ से पुराना लगाव इस कार्यक्रम को भावुक बनाता है।
आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। हाल के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इसका प्रमाण हैं। इस रात सोमनाथ भारतीय कला और नेतृत्व का संगम बनेगा।