उत्तर प्रदेश में धार्मिक उन्माद का केंद्र बने प्रयागराज के माघ मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा में आचरण स्नान कर भक्तों का मन मोह लिया। 2026 के इस मेले ने परंपरा को जीवंत कर दिया।
त्रिवेणी संगम पर पूजा-अर्चना के बाद योगी जी ने गंगा माई की गोद में समाधि लगाई। भजन-कीर्तन और शंखनाद से वातावरण गुंजायमान हो गया। उनका यह कार्य लाखों लोगों के लिए अनुकरणीय है।
माघ मास का विशेष महत्व है। संगम स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है। सरकार ने मेगा इवेंट के लिए तैयारियां पूरी की हैं। स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान।
डिजिटल सुविधाएं जैसे लाइव स्ट्रीमिंग, लॉस्ट फाउंड सिस्टम उपलब्ध। महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त। पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था से गंगा की पवित्रता बनी रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में सीएम ने कहा, ‘सनातन धर्म की जड़ें गहरी हैं। गंगा हमें सेवा और समर्पण सिखाती है।’ अखाड़ों से चर्चा कर परंपराओं के संरक्षण पर बल दिया।
मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान नजदीक हैं। शाही जुलूस और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। योगी जी की भागीदारी से मेला वैश्विक पटल पर चमकेगा।