पश्चिम बंगाल में सियासी तनाव के बीच राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस को निशाना बनाने की सनसनीखेज साजिश नाकाम। कोलकाता पुलिस ने मंगलवार रात एक आरोपी को उसके घर से धर दबोचा।
राजभवन पर धमकी भरी कॉल शाम सात बजे के करीब आई, जिसमें राज्यपाल को ‘बम से उड़ा देने’ की बात कही गई। कॉलर ने मांगें भी रखीं अन्यथा हमले की चेतावनी दी। घटना की सूचना पाते ही पुलिस मशीनरी हरकत में आ गई।
स्पेशल ब्रांच की टीम ने आधुनिक तकनीक से कॉल ट्रेस कर बारा नगर में स्थित एक मकान तक पहुंच गई। वहां 35 वर्षीय संतोष मिश्रा को हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप और भड़काऊ मैसेज बरामद हुए।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नौकरी के अभाव में परेशान था और व्हाट्सएप ग्रुप्स में राज्यपाल विरोधी प्रचार से प्रभावित हो गया। पुलिस का मानना है कि यह अकेले का कारनामा है, लेकिन गहन जांच चल रही है।
गवर्नर बोस और ममता बनर्जी सरकार के बीच विवादास्पद संबंध इस घटना को नया मोड़ दे रहे हैं। राजभवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट हैं।
पुलिस ने साफ कहा कि ऐसी धमकियों पर जीरो टॉलरेंस होगी। मामला आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत दर्ज है। यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर बहस छेड़ रही है।