भाजपा के आक्रामक नेता कपिल मिश्रा ने पंजाब सरकार के खिलाफ तीखा प्रहार किया है। उनके खिलाफ मोहाली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को उन्होंने ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए भगवंत मान सरकार को घेर लिया।
मिश्रा के सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में पंजाब में व्याप्त नशे की समस्या, खालिस्तानी गतिविधियों और हिंदू समाज की चिंताओं पर टिप्पणियों को आप समर्थकों ने नफरत फैलाने वाला बताकर शिकायत की।
‘पंजाब पुलिस को खालिस्तानी समर्थकों पर कार्रवाई करने के बजाय भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश मिला है। यह आप का हिंदू-विरोधी चेहरा उजागर कर रहा है,’ मिश्रा ने लाइव सत्र में कहा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह प्रदर्शन शुरू कर दिए।
राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा ने हमला बोला। पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे आप की हताशा का परिचायक बताया। पंजाब में ड्रग्स, बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष को दबाने की कोशिश हो रही है।
मिश्रा का कहना है कि यह उनकी पुरानी रणनीति है—जेएनयू से लेकर दिल्ली दंगों तक झूठे केस। उन्होंने पंजाब यात्रा का ऐलान किया। आप सरकार ने इसे कानूनी प्रक्रिया बताया, लेकिन विपक्ष इसे दमन का हथियार मान रहा।
चुनावी माहौल में यह विवाद भाजपा के लिए वरदान साबित हो सकता है। पंजाब की जटिल सियासत में सामाजिक सद्भाव बनाए रखना चुनौती है।