देश के गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ युद्ध में लगातार सतर्कता पर बल दिया। दिल्ली में विशेष समारोह में उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग्स युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं।
“ड्रग्स से बचाव के लिए निरंतर जागरूकता ही एकमात्र रास्ता है,” शाह ने कहा। मोदी सरकार की रणनीति का वर्णन करते हुए उन्होंने सीमा निगरानी से लेकर पुनर्वास केंद्रों तक की बात की।
500 करोड़ रुपये के अभियान की घोषणा हुई, जिसमें युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम और तकनीकी ऐप शामिल हैं। आंकड़े चौंकाने वाले हैं- हर साल 70 हजार से अधिक नशीली मौतें, ज्यादातर 30 साल से कम उम्र के।
पुडोचेरि मॉडल की तर्ज पर भारत में अनुकूलित योजना का जिक्र किया। अभिभावकों, शिक्षकों से तत्काल कार्रवाई की अपील की। “घर-घर में इस खतरे पर चर्चा हो,” उन्होंने कहा।
पंजाब और पूर्वोत्तर में सफल छापों का उल्लेख किया, लेकिन लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। अफीम और मेथ जैसे पदार्थों के बाजार पर नकेल कसने के लिए एजेंसियों का समन्वय बढ़ेगा।
विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने समर्थन का वचन दिया। राष्ट्रव्यापी अभियान से स्वस्थ भारत का सपना साकार होगा।