सोमनाथ मंदिर से निकली भव्य यात्रा ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे ‘स्वर्गीय दृश्य’ बताते हुए उत्साह से स्वागत किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन शुरू हो गए, और यात्रा धूमधाम से रवाना हुई।
चंदन-फूलों से सजे रथ, हाथी-सवार मूर्तियां और लोक नर्तक दलों ने मार्ग को रंगीन बना दिया। अरब सागर तट पर स्थित यह मंदिर ऐतिहासिक संघर्षों का प्रतीक है। आयोजन में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा गया, बायोडिग्रेडेबल सजावट का उपयोग हुआ।
हेलीकॉप्टर से वीआईपी पहुंचे, चिकित्सा दल तैनात रहे। सोशल मीडिया पर #सोमनाथयात्रा ट्रेंड कर रहा है। यात्रा समाप्ति पर घाटों पर सामूहिक प्रार्थना हुई।
यह परंपरा आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है। सोमनाथ की यह यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक बनी रहेगी।