मकर संक्रांति का पर्व देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है, लेकिन अल्मोड़ा के अरकेश्वर महादेव मंदिर में यह एक चमत्कार बन जाता है। यहां सूर्य की किरणें शिवलिंग पर राजतिलक के रूप में चमकती हैं।
हिमालय की गोद में बसे इस मंदिर में संक्रांति की भोर साक्षात स्वर्ग का दर्शन कराती है। सूर्योदय होते ही विशेष कोण से आने वाली किरणें लिंग के मस्तक पर स्वर्णिम बिंदु बनाती हैं। भक्त ‘हर हर महादेव’ का जयकारा लगाते हुए नतमस्तक हो जाते हैं।
यह घटना सदियों पुरानी है। मंदिर का निर्माण चंद वंश के राजाओं ने कराया था, जिन्होंने खगोलशास्त्र का उपयोग किया। किवदंतियों के अनुसार, सूर्यदेव प्रतिवर्ष शिवजी को प्रणाम करने आते हैं।
इस बार बर्फीले तूफानों के बीच भी 50 हजार से अधिक यात्री पहुंचे। हेलीकॉप्टर सेवा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पूजा-अर्चना के बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें तिलगुड़ और रेवड़ी का प्रसाद मिला।
यह अनोखा संयोग आधुनिक विज्ञान और प्राचीन विश्वास का संगम दर्शाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य का यह तिलक सभी को प्रेरित करता है कि प्रकृति और ईश्वर एक ही हैं।