बेंगलुरु से दर्दनाक खबर आई है जहां एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतका प्रिया शर्मा के परिवार ने कॉलेज प्राचार्य समेत कई प्रोफेसरों पर क्रूर उत्पीड़न का आरोप ठोका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
घटना रविवार रात की है। प्रिया हॉस्टल के अपने कमरे में अचेतावस्था में मिली। डॉक्टरों ने जहर का सेवन होने की पुष्टि की। वह एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा थी और परिवार की इकलौती संतान।
भाई ने बताया कि प्रिया ने परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत की थी। तब से कॉलेज ने उसका जीना हराम कर दिया। ‘क्लास में अपमानित करना, नोटिस चिपकाना, दोस्तों से दूर करना—सब कुछ सहा उसने,’ उन्होंने कहा। उसके फोन में प्रोफेसरों को भेजे मैसेजों में गुहार दिख रही है।
कॉलेज पक्ष का कहना है कि प्रिया अक्सर क्लास स्किप करती थी और व्यवहार संबंधी समस्याएं थीं। ‘हमने मनोचिकित्सक बुलाए, लेकिन सहयोग नहीं किया,’ प्रिंसिपल बोले। वे परिवारिक कलह का हवाला दे रहे हैं।
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। दबाव, रैगिंग और प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदार। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी सिस्टम जरूरी।
पुलिस छात्रों से पूछताछ कर रही है। वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे। परिजन शव लेने से इनकार कर न्याय मांग रहे। यह केस मिसाल बनेगा तो अच्छा। सुधार की घड़ी आ गई है।