राज्य के भावी बजट को जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए आम नागरिक अपने विचार सीधे साझा कर सकेंगे। यह प्रयास शासन को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में है।
आज से सक्रिय इस सिस्टम में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कौशल प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर फीडबैक दिया जा सकता है। पारंपरिक बजट प्रक्रिया को बदलते हुए यह जनता को प्रत्यक्ष भूमिका देता है।
पोर्टल पर पंजीकरण कर थीम चुनने के बाद सुझाव दर्ज करें। ऐप में वॉयस रिकॉर्डिंग, पुश अलर्ट और लोकप्रिय आइडियाज का ट्रैकिंग फीचर है। कम इंटरनेट वाले इलाकों के लिए विशेष डिजाइन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल लॉन्च में कहा, ‘जनता के सुझावों से समावेशी विकास सुनिश्चित होगा।’ समीक्षा के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की गई है।
खनन-कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले झारखंड में सिंचाई, आदिवासी स्वास्थ्य और शहरीकरण चुनौतियां हैं। सोशल मीडिया पर अभियान तेज हो चुका है।
45 दिनों का समय सीमित है, एनजीओ, छात्र और किसानों से अधिक सक्रियता की अपेक्षा है। यह मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है।