गैस रिसाव की घटना से कोनासीमा में हाहाकार मच गया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लिया और नारियल बागानों को हुए नुकसान पर किसानों को मुआवजा देने के सख्त निर्देश दिए। यह कदम हजारों प्रभावित परिवारों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।
आसपास की फैक्ट्री से निकली गैस ने कृषि क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। नारियल के पेड़ मुरझा गए हैं, जिससे उत्पादन पर गहरा असर पड़ा है। नायडू के हेलीकॉप्टर ने विनाशकारी दृश्य कैद किए, जो समस्या की गंभीरता बयां करते हैं।
हवाई अड्डे पर उतरते ही नायडू ने कृषि और राजस्व विभाग को तुरंत सर्वेक्षण और भुगतान प्रक्रिया शुरू करने को कहा। उन्होंने पुनर्वास योजनाओं पर भी बल दिया। कोनासीमा का नारियल निर्यात में बड़ा योगदान है, इसलिए नुकसान राज्य अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
किसान संगठनों ने नायडू की फुर्ती की तारीफ की, लेकिन बीज सब्सिडी जैसी अतिरिक्त मदद की अपील की। जांच समिति गैस रिसाव के कारणों की तहकीकात करेगी। सरकारी राहत शिविर लगने वाले हैं, जो किसानों को सीधे लाभ पहुंचाएंगे।
यह घटना उद्योग और खेती के बीच संतुलन की जरूरत बताती है। नायडू सरकार का सक्रिय रुख प्रभावित क्षेत्र में विश्वास बहाल कर रहा है। जल्द ही कोनासीमा के बाग फिर हरे-भरे नजर आएंगे।