सोमनाथ के पावन धाम में धमाल मच गया जब ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर 500 से ज्यादा साधु-संत डमरू थापते शौर्य यात्रा में निकले। यह भव्य जुलूस आस्था और शौर्य का अनुपम संगम बन गया, जिसने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
मंदिर परिसर से शुरू होकर यात्रा शहर की प्रमुख सड़कों पर चली, जहां दर्शकों ने पुष्पवर्षा की। साधुओं के डमरू की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया, साथ ही महाआरती और भजन-कीर्तन ने समां बांध दिया।
सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करती यह यात्रा मंदिर की पुनर्स्थापना की कहानी बयां करती है। संतों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर जोर दिया। ‘यह हमारा स्वाभिमान है, इसे कोई छीन नहीं सकता,’ बोले प्रमुख संत।
समापन समारोह में हजारों लोग शामिल हुए, जहां राष्ट्रभक्ति और धर्मरक्षा के संदेश दिए गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित बना रहे हैं। भविष्य में ऐसे और आयोजन होंगे, जो हिंदू एकता को मजबूत करेंगे।