दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने टीएमसी सांसदों की गिरफ्तारी पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। ‘यह देश लोकतांत्रिक गणराज्य है, भाजपा की निजी मिल्कियत नहीं,’ उन्होंने कसमसारते हुए कहा। संसद के बाहर धरना देते वक्त दिल्ली पुलिस ने टीएमसी नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
लाइव प्रसारण में ममता ने गुस्से से भरी आवाज में बताया, ‘हमारे सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, पुलिस ने लाठियां भांजीं। यह दमन की राजनीति है।’ बंगाल को 1.2 लाख करोड़ के बकाया फंड और आपदा राहत की मांग लंबे समय से अधर में लटकी है।
प्रदर्शन में शामिल सांसदों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल सहायता और श्रमिक योजनाओं के भुगतान की अपील की थी। हिरासत के दौरान नारों और बैनरों से हंगामा मच गया। भाजपा ने इसे ‘अराजकता’ बताकर बचाव किया, लेकिन विपक्ष एकजुट हो गया।
ममता ने समर्थकों से अपील की, ‘इस अहंकार का जवाब मतदान से देंगे।’ टीएमसी ने कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। यह वाकया विपक्षी एकता को मजबूत कर सकता है। बंगाल से निकला यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है, जहां लोकतंत्र की असली परीक्षा हो रही है।