ड्रग तस्करों की साजिश धूलि में मिल गई जब हैदराबाद एयरपोर्ट पर कस्टम ने 14 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ लिया। यह बड़ी सफलता नारकोटिक्स के खिलाफ जंग में मील का पत्थर साबित हो रही है।
विदेशी उड़ानों से उतरने वाले यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी ली गई। नतीजा चौंकाने वाला निकला – सूटकेसों में छिपे 100 किलो से ज्यादा हाई-पोटेंसी गांजे के पैकेट। हाइड्रोपोनिक फार्म्स में तैयार यह माल बाजार में लाखों का भाव लाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिट्टी रहित पौधरोपण तकनीक THC की मात्रा बढ़ा देती है, जिससे इसका नशा गहरा होता है। तस्करों ने कई परतों में पैकिंग कर एयरपोर्ट सिक्योरिटी को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
सीआईएसएफ डॉग स्क्वायड और एआई आधारित स्कैनिंग ने कमाल दिखाया। कस्टम अधिकारी बोले, ‘हमारी सतर्कता से अपराधियों का खेल रुक गया।’ दो तस्कर हिरासत में हैं, जिनसे गिरोह की पूरी जानकारी ली जा रही है।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय माफिया भारतीय हवाई अड्डों को निशाना बना रहे हैं। एनसीबी और स्थानीय पुलिस मिलकर बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करेंगे। जब्त माल की फोरेंसिक जांच के बाद नष्ट किया जाएगा।
तेलंगाना में नशा मुक्ति अभियान को बल मिला है। सरकार ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। हवाई यात्रियों को सलाह दी जाती है कि सतर्क रहें और सहयोग करें।