दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र विपक्षी दल भाजपा और सत्ताधारी आप के बीच तीखी भिड़ंत का मैदान बन गया है। भाजपा ने आप पर सत्र को जानबूझकर ठप करने का आरोप लगाया है। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप विधायक प्रश्नकाल बाधित कर सत्ताधारी की नाकामियों पर पर्दा डालना चाहते हैं।
पार्टी के नेताओं के मुताबिक, उपचुनावों में हार और जनता के गुस्से से घबराई आप विधायी कार्यों से भाग रही है। मोहल्ला क्लीनिकों की खस्ताहाल, यमुना प्रदूषण और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बहस से बचने के लिए हंगामा हो रहा। ‘आप ने वादाखिलाफी के डर से सदन को अराजक बना दिया,’ भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा।
तीन दिनों में कोई विधेयक पारित नहीं हुआ। महिलाओं की सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और विकास योजनाओं पर चर्चा रुकी हुई है। भाजपा विधायकों ने धरना दिया और उपराज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।
आप ने पलटवार किया। आप नेता अतिशी ने कहा, ‘भाजपा केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार को अस्थिर करना चाहती है। हमने बिजली, पानी मुफ्त दिया, भाजपा जलती है।’ सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने इस सत्र का अंतिम परिणाम क्या होगा? भाजपा दबाव बनाए रखेगी या आप बहुमत के दम पर अपनी राह चलाएगी? दिल्लीवासी गौर से देख रहे हैं।