केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस के सांसद उतर आए। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया, जिसमें नारों और पोस्टरों से भरी सभा ने पूरे इलाके को हिला दिया।
सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राज्य सरकारों को कमजोर करने के लिए केंद्रीय तंत्र का सहारा ले रही है। ईडी और सीबीआई की कार्रवाइयों को राजनीतिक हथियार बताते हुए उन्होंने न्याय की मांग की। प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी इस मुद्दे पर लंबे समय से मुखर रही है। वेस्ट बंगाल को आर्थिक सहायता रोकने का भी उन्होंने जिक्र किया। भाजपा नेताओं ने इसे चुनावी ड्रामा करार दिया और टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप दोहराए।
घटना के दौरान सांसदों ने शाह को संबोधित करते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की। मीडिया कवरेज ने इसे राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह केंद्र के खिलाफ विपक्ष का नया अध्याय हो सकता है।
इस प्रदर्शन से साफ है कि राज्य और केंद्र के बीच खाई बढ़ रही है, जो आने वाले दिनों में और गहरा सकती है। टीएमसी कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है।