राज्य सरकार के आदेश पर पंजाब की नौकरशाही में बड़ा हलचल मच गया, जहां 25 से अधिक आईएएस व पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। यह व्यापक पुनर्गठन शिक्षा, लोक निर्माण और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व को नया रूप देगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने जनफीडबैक के आधार पर यह कदम उठाया। जालंधर व पटियाला के जिला प्रमुखों को हटाकर शहरी प्रबंधन विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गई। तहसीलदार व ब्लॉक विकास अधिकारी स्तर पर भी घूमाव किया गया।
मानसून की तैयारी व किसान सुधारों के बीच चुस्त प्रशासन जरूरी माना गया। सिंचाई विभाग में प्रोन्नत आईएएस अधिकारी जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। सरकारी पक्ष इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा, जबकि विपक्ष ‘मध्यरात्रि साजिश’ करार दे रहा।
पिछले फेरबदलों से योजनाओं के क्रियान्वयन में 30% वृद्धि हुई। नागरिकों को त्वरित सेवाओं की उम्मीद। यह बदलाव पंजाब की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं व कल्याण कार्यों को गति देगा।
नए पदाधिकारियों की नियुक्ति से राज्य में बेहतर शासन की नई इबारत लिखी जाएगी। संक्रमणकाल सुगम रखना चुनौती, लेकिन सफलता विकास की गति बढ़ाएगी।