सोमनाथ धाम की ऐतिहासिक विरासत आम जन की चेतना को झकझोर रही है, यह कहना था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। अपने भाषण में उन्होंने मंदिर को राष्ट्र की अटूट शक्ति का प्रतीक बताया।
आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार ध्वस्त होने के बावजूद सोमनाथ का पुनरुद्धार भारत की विजयी भावना दर्शाता है। पीएम ने 1951 के ऐतिहासिक पुनर्निर्माण को स्वर्णिम अध्याय करार दिया।
इस पवित्र स्थल की कहानी प्रत्येक भारतीय के हृदय में उत्साह भरती है। सरकार के प्रयासों से मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जो तीर्थयात्रियों को सुगमता प्रदान कर रही हैं।
पीएम मोदी ने युवा पीढ़ी से अपील की कि सोमनाथ से प्रेरणा लें और सांस्कृतिक धरोहर को संजोएं। ज्योतिर्लिंग के रूप में इसकी महत्ता हिंदू तीर्थ परंपरा को मजबूत करती है।
समुद्र तट पर बसे इस भव्य मंदिर का दर्शन आत्मिक शांति प्रदान करता है। मोदी जी के संदेश से सोमनाथ की महिमा और बढ़ गई है, जो राष्ट्र जागरण का माध्यम बनेगा।