केंद्रीय जांच ब्यूरो ने झारखंड के डाक विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई तब सफल हुई जब एक प्रभावित पक्ष ने सीबीआई से शिकायत की कि अधिकारी फाइल क्लियरेंस के लिए भारी रिश्वत वसूल रहा था।
गुप्त निगरानी और सटीक योजना के तहत सीबीआई ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। रिश्वत राशि प्राप्त होते ही अधिकारी धर दबोचा गया। जांच में सामने आया कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, जिसमें कई फाइलें प्रभावित हुईं। अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच चल रही है।
राज्य में डाक सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भ्रष्टाचार ने इन्हें कमजोर कर दिया है। इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा दोहराया है।
आरोपी के आवास और कार्यालय पर छापों से कई दस्तावेज और नकदी बरामद हुई। कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेजा है। यह मामला विभागीय स्तर पर व्यापक जांच का संकेत दे रहा है, जो भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। जनता को उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाइयों से सेवाएं सुधरेंगी।