बिहार सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह को यादगार बनाने के लिए कमर कस ली है। पटना में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल कल्याण, परिवहन और उद्योग विभागों ने अपनी झांकियों के प्रस्ताव पेश किए। ये झांकियां बिहार की उपलब्धियों को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करेंगी।
अधिकारियों ने झांकियों के थीम, बजट और निर्माण समयसीमा पर सहमति बनाई। बाढ़ प्रबंधन इंजीनियरिंग, जैविक खेती और डिजिटल पहल जैसे विषयों पर केंद्रित होंगी ये झांकियां। ‘ये झांकियां हमारी एकता और प्रगति का प्रतीक होंगी,’ बैठक में कहा गया।
परेड रिहर्सल के साथ-साथ एनसीसी कैडेट्स और पुलिस बैंड की तैयारी चल रही है। गांधी मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में ध्वजारोहण, शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित और पुरस्कार वितरण होगा। यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप सात निश्चय योजना की झलक झांकियों में दिखेगी। एनजीओ और स्वयं सहायता समूह भी सहयोग कर रहे हैं। लाइव टेलीकास्ट से प्रवासी बिहारवासी भी जुड़ सकेंगे।
समारोह में आकाशीय प्रदर्शन और आतिशबाजी भी होगी। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि झांकियां पर्यावरण अनुकूल हों। बिहार का यह गणतंत्र दिवस पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा।