तुर्कमान गेट ध्वंसकांड ने राजनीतिक रंग ले लिया है। यासूब अब्बास ने इसे मस्जिदों के खिलाफ सुनियोजित साजिश करार दिया। पुरानी दिल्ली का यह ऐतिहासिक इलाका फिर से सुर्खियों में है।
बुधवार को आयोजित सभा में अब्बास ने कहा, ‘मस्जिदें सदियों पुरानी हैं, इन्हें अतिक्रमण बताकर मिटाना अन्याय है।’ गवाहों के मुताबिक, बुलडोजरों ने मस्जिदों के हिस्से गिरा दिए, जबकि अन्य संरचनाओं को छुआ तक नहीं।
1976 की घटनाओं की यादें ताजा हो गई हैं। तब इंदिरा सरकार के आदेश पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई थी। वर्तमान में MCD का दावा है कि यह सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी है, लेकिन प्रमाणपत्रों की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।
अब्बास ने हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। स्थानीय मुस्लिम संगठन एकजुट हो रहे हैं और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। यह मामला सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है।
शहर नियोजन में धार्मिक संवेदनशीलता जरूरी है। सरकारी पक्ष को अब पारदर्शिता दिखानी होगी। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।