सबरीमाला मंदिर सोना चोरी कांड ने फिर से सुर्खियां बटोरीं। पूर्व विपक्ष नेता रमेश चेंनिथला ने विशेष जांच दल की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कई पेंच उधेड़े। उनका दावा है कि यह रिपोर्ट सच्चाई को छिपाने का प्रयास है।
मंदिर के गर्भगृह से चोरी हुए बहुमूल्य सोने-चांदी ने देशभर के भक्तों को झकझोर दिया। एसआईटी ने मामला सुलझाने का दावा किया, लेकिन चेंनिथला ने फोरेंसिक सबूतों की कमी और गवाहों की अनदेखी का आरोप लगाया। तिरुवनंतपुरम में सभा में उन्होंने कहा, ‘सोना कहां गया, इसका कोई जवाब नहीं।’
चोरी की घटना ने मंदिर सुरक्षा पर सवाल उठाए। पुरानी ताले, खराब कैमरे और अंदरूनी साठगांठ सामने आई। यूडीएफ ने सीबीआई को सौंपने की मांग तेज कर दी। एलडीएफ ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया।
मंदिर बोर्ड पर दबाव है। भक्त जुलूस निकाल रहे हैं। आगामी तीर्थ यात्रा से पहले मामले का समाधान जरूरी। चेंनिथला का बयान राजनीतिक घमासान तेज कर सकता है। क्या मिलेगी भगवान अयप्पा को न्याय?