बंगाल की सियासत में उबाल है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आयकर विभाग के छापों में हस्तक्षेप का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने केंद्र से उनकी गिरफ्तारी कर जांच कराने की मांग की है।
छापेमारी आयकर अधिकारियों ने टीएमसी के धनदाताओं और नेताओं के परिसरों पर की। लाखों रुपये नकद, लेखा जोखा और संदिग्ध कागजात बरामद हुए। बीच में सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी ने अधिकारियों पर दबाव डाला कि कार्रवाई रोकी जाए।
भाजपा सांसद निशिथ प्रमाणिक ने सबूत के तौर पर फोन कॉल विवरण जारी कर कहा, ‘सीएम कानून से ऊपर नहीं हैं। उनके काले कारनामों का पर्दाफाश होगा।’ पार्टी ने सीबीआई जांच की मांग की है।
टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह भाजपा का विपक्ष तोड़ने का कुत्सित प्रयास है। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, ‘दीदी बंगाल की बेटी हैं, भाजपा का सामना करेंगी।’
पिछले कई महीनों से टीएमसी नेताओं पर केंद्र की एजेंसियों का शिकंजा कस रहा है। अब बनर्जी पर सीधा आरोप लगने से सियासी तापमान चरम पर है। राज्यपाल भवंस्वरपुर हाउस में भी चर्चा हो रही है।
सार्वजनिक जीवन के जानकारों का कहना है कि यह मामला बंगाल की राजनीति का रुख बदल सकता है। भाजपा इसे चुनावी हथियार बनाने की फिराक में है जबकि टीएमसी एकजुटता दिखा रही है। आने वाले दिनों में और घमासान होगा।