सीमा शुल्क evasion के एक शातिर खेल में सीबीआई ने 58 लाख रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो घोषित अपराधी था। यह सफलता आयात-निर्यात क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा झटका है।
धोखाधड़ी का modus operandi था आयातित माल की undervaluation, जिससे शुल्क में भारी कटौती हो गई। आरोपी ने कोर्ट के समन की अवहेलना कर फरार हो गया था, लेकिन सीबीआई की दक्ष टीम ने उसे ट्रैक कर पकड़ लिया।
जांच के दौरान बरामद कागजातों से साफ हुआ कि कई शिपमेंट्स में फर्जीवाड़ा किया गया। पोर्ट अधिकारियों और एजेंटों की संलिप्तता की भी आशंका है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी हुई है।
इसके अलावा, डिजिटल ट्रेल्स और बैंक रिकॉर्ड्स से मनी लॉन्ड्रिंग के कोण भी सामने आ रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी से कठोर पूछताछ होगी।
यह घटना सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर जोर देती है। व्यापारियों को चेतावनी दी गई है कि ऐसी चालाकियां अब सफल नहीं होंगी।