प्रोजेक्ट वीर गाथा ने नया कीर्तिमान गढ़ दिया है। 1.92 करोड़ छात्रों की भागीदारी के साथ यह अभियान देश के सबसे लोकप्रिय शैक्षिक कार्यक्रमों में शुमार हो गया। परम वीर चक्र प्राप्तकर्ताओं की अमर गाथाओं को श्रद्धांजलि स्वरूप शुरू यह पहल अब देशव्यापी उत्साह का प्रतीक बन चुकी है।
छात्रों ने कला, साहित्य और डिजिटल माध्यमों से वीरों की कहानियों को उकेरा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक स्कूलों में रचनात्मकता का سیلाब उमड़ा। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों की वायुसेना में शहादत और अन्य नायकों की बहादुरी ने कल्पना को पंख दिए।
इस सफलता का श्रेय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और जागरूकता अभियानों को जाता है। शिक्षकों ने बताया कि छात्र स्वेच्छा से इन विषयों पर शोध कर रहे हैं। प्रोजेक्ट न केवल रिकॉर्ड तोड़ रहा, बल्कि चरित्र निर्माण में भी योगदान दे रहा है।
राष्ट्रीय प्रदर्शनी में शीर्ष रचनाओं का प्रदर्शन होगा। सशस्त्र बलों के अधिकारियों की मौजूदगी में पुरस्कार वितरण होगा। वीर गाथा परियोजना भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।