प्रवर्तन निदेशालय ने कोयला घोटाले के मनी ट्रेल पर नकेल कसते हुए कोलकाता के एक आलीशान अपार्टमेंट पर छापेमारी की, जहां आई-पैक का निदेशक रहता है। यह ऑपरेशन भ्रष्टाचार के गहरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
टीम ने फ्लैट की तलाशी में वित्तीय कागजात, हार्ड ड्राइव और संदिग्ध प्रॉपर्टी दस्तावेज बरामद किए। आरोप है कि निदेशक ने कोयला ब्लॉक घोटाले की लूट को राजनीतिक कंसल्टेंसी के जरिए छिपाया। हवाला और शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।
चुनावी सलाहकार फर्म आई-पैक की भूमिका संदेह के घेरे में है। कोयला कारोबारियों ने कैंपेन फंडिंग के बहाने रिश्वत पहुंचाई, ऐसा शक है। ईडी के पास मजबूत सर्कमस्टैंशल एविडेंस उपलब्ध हैं।
स्थानीय लोगों ने देखा कि कैसे ईडी की गाड़ियां सुबह पहुंचीं और इलाके को सील कर दिया गया। निदेशक से पूछताछ हुई। अभी गिरफ्तारी नहीं, लेकिन पूछताछ जारी है।
यह घोटाला कोयला खदानों के आवंटन में जोड़तोड़ का नतीजा था, जिससे बिजली महंगी हुई और अर्थव्यवस्था चरमराई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही जांच को बल मिला है। ईडी चेयरमैन ने वादा किया है कि कोई बच नहीं पाएगा।
राजनीतिक दलों के बीच बहस छिड़ गई है। कोलकाता का यह छापा दिल्ली तक असर डाल सकता है। भविष्य में सख्त कानून बनने की संभावना। जनता को न्याय की आस बंधी है।