11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे। उनके नेतृत्व में प्रथम ज्योतिर्लिंग का ‘स्वर्णिम युग’ प्रारंभ हो रहा है, जो राष्ट्रीय गौरव को पुनर्जीवित करेगा।
यह उत्सव मंदिर के 1951 के पुनर्निर्माण को याद करता है, जब देश ने गुलामी की जंजीरें तोड़ीं। भव्य आरती, लोक नृत्य और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। मोदी जी की उपस्थिति से लाखों श्रद्धालु प्रेरित होंगे।
सोमनाथ का इतिहास संघर्षपूर्ण है—महमूद गजनवी जैसे आक्रांताओं से लूटा गया, फिर भी अटल। वर्तमान में आधुनिक सुविधाएं जैसे हेलिपैड और डिजिटल दर्शन इसे आकर्षक बनाते हैं। पर्व में युवा सम्मेलन और सांस्कृतिक मेला विशेष आकर्षण होंगे।
प्रधानमंत्री का भाषण ‘विकसित भारत’ से जोड़कर स्वाभिमान की बात करेगा। गुजरात सरकार ने पर्यटन बढ़ाने हेतु विशेष तैयारियां की हैं। वैश्विक भक्त ऑनलाइन जुड़ सकेंगे।
स्वाभिमान पर्व भारतीयता का प्रतीक बनेगा। पीएम मोदी के दर्शन से मंदिर की महिमा और बढ़ेगी, नया अध्याय लिखा जाएगा।