समस्तीपुर, बिहार। नकली शराब का जहर एक बार फिर घातक साबित हुआ, जहां पिता की मौत हो गई और बेटे की आंखों की ज्योति हमेशा के लिए बुझ गई। यह दर्दनाक घटना राज्य में शराब माफिया के खिलाफ सख्ती की मांग को तेज कर रही है।
रामू यादव और उनका बेटा रवि खेतों के कठिन परिश्रम के बाद दोस्तों संग देशी दारू का सेवन कर रहे थे। अचानक तेज दर्द और उल्टी ने हालात बिगाड़ दिए। रामू घर में ही गिर पड़े, जबकि रवि आंखें दबाते चीखने लगा।
सरकारी अस्पताल पहुंचने पर रामू को मृत घोषित कर दिया गया। मेथनॉल जहर ने उनके अंगों को नष्ट कर दिया था। रवि को पटना रेफर किया गया, जहां नेत्र रोग विशेषज्ञों ने आंखों की नसों के क्षतिग्रस्त होने से स्थायी अंधापन पुष्ट किया।
प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर दो अवैध इकाइयों को नेस्तनाबूद कर दिया। चार संदिग्ध गिरफ्त में हैं, जिनसे उत्तर प्रदेश सीमा से रसायन लाने का खुलासा हुआ। नेटवर्क ने औद्योगिक रसायनों को शराब में मिलाया था।
शराबबंदी कानून के बावजूद काला बाजार करोड़ों का है। 2023 में 50 से अधिक जिंदगियां लील चुका यह जहर। कार्यकर्ता डीएनए टेस्ट और सतर्कता की मांग कर रहे हैं। यादव परिवार सहायता की प्रतीक्षा में है। रवि भाई-बहनों का बोझ उठाने को तैयार, लेकिन अंधेरे में। यह हादसा सिस्टम में सुधार की पुकार है।