पटना सिविल कोर्ट आज एक फोन कॉल ने हिला दिया। अज्ञात व्यक्ति ने बम से पूरे परिसर को उड़ाने की कसम खाई, जिससे तत्काल एवाक्यूएशन और भारी सुरक्षा चाक चौबंद हो गई। यह धमकी कोर्ट रजिस्ट्री को दोपहर में मिली, जिसमें विस्फोट की समय सीमा भी बताई गई।
सैकड़ों लोग बाहर निकले, बम स्क्वायड ने हर कोने की छानबीन की। चार घंटे बाद सेफ्टी कन्फर्म हुई, लेकिन मनोवैज्ञानिक असर गहरा है। वकीलों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया। ‘न्याय के मंदिर पर हमला बर्दाश्त नहीं,’ बार काउंसिल सदस्य ने चेतावनी दी।
महत्वपूर्ण केसों के बीच यह घटना संदिग्ध लग रही। पुलिस साइबर सेल सक्रिय, भोजपुरी लहजे वाली आवाज पर नजर। राज्य सरकार ने 48 घंटे में सुलझाने का वादा किया। पूरे बिहार के कोर्ट सतर्क हो गए हैं।
यह हादसा न्याय व्यवस्था की कमजोरियों को सामने लाता है—कम स्टाफ, पुरानी तकनीक। सात सूत्री मांगों में सीसीटीवी, स्पेशल टीम शामिल। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। पटना की अदालतें फिर पटरी पर, लेकिन सुधार जरूरी।