सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर परिसर में सांस्कृतिक निरंतरता और कठिन संघर्षों की अमर कहानी बयां की। इस ऐतिहासिक आयोजन में उन्होंने देशभर के लोगों से विरासत संरक्षण का आह्वान किया।
मोदी जी ने सोमनाथ के 17 विध्वंसों का ज़िक्र करते हुए कहा कि हर बार हिंदू भक्तों की आस्था ने इसे पुनर्जनन दिया। 1947 के बाद पटेल जी के प्रयासों से बना यह मंदिर आज विश्व पटल पर चमक रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक बताया।
विशेष अपील में पीएम ने जोर दिया, ‘सोमनाथ का स्वाभिमान हमारा स्वाभिमान है। हमारी संतान संस्कृति को बचाने का दायित्व निभाएं। मंदिर पर्यटन बढ़ाएं और डिजिटल माध्यमों से इतिहास को संजोएं।’ उत्सव में नृत्य, संगीत और प्रकाशयोजना शामिल रही।
कार्यक्रम ने सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। पीएम मोदी के उद्बोधन से युवा पीढ़ी प्रेरित हुई है। यह पर्व भारत की सांस्कृतिक शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।