तुर्कमान गेट पथराव कांड में दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है। 30 लोगों की पहचान हो गई है और सपा के सांसद से सख्ती से पूछताछ होगी। यह खुलासा इलाके में बढ़ते तनाव के बीच आया है।
घटना उस वक्त भड़की जब अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पथराव से पुलिस की कई गाड़ियां तोड़फोड़ का शिकार हुईं। आधुनिक तकनीक और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने इतनी जल्दी सफलता पाई।
सांसद पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया और भाषणों से माहौल गरमाया। पूछताछ में उनके फोन रिकॉर्ड और वीडियो खंगाले जाएंगे। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
तुर्कमान गेट का इलाका सदियों पुराना है, जहां आजकल बसावट और व्यापार की मारामारी चल रही है। विस्थापन का भय लोगों को सड़कों पर ला रहा है।
पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में ड्रोन और कैमरे लगाए गए हैं। विपक्ष हमलावर रुख अपना रहा है, लेकिन प्रशासन तटस्थ रहने का दावा कर रहा।
भविष्य में ऐसी घटनाओं रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर बातचीत जरूरी है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि जल्द सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। यह केस कानून के राज को मजबूत करने का मौका है।